Monday, February 10, 2020

प्रथम विश्व युद्ध का आरंभ और तात्कालिक कारण


प्रथम विश्व युद्ध का आरंभ और तात्कालिक कारण युद्ध का आरंभ एक मामूली घटना से हुआ अगर यूरोप वर्षों से युद्ध की तैयारी कर रहे दो परस्पर विरोधी सैनिक शिविरों में 9 बटा होता तो इस घटना से कोई खास तहलका नहीं मचता। 28 जून सन 1914 आर यू खांसी फर्डीनांड की बोस्निया की राजधानी में हत्या हो गई फर्डीडिनांड ऑस्ट्रिया हंगरी की गद्दी का उत्तराधिकारी था ऑस्ट्रेलिया ने इस हत्या में सरबिया का हाथ देखा और अपनी कुछ मांगे उस पर थोप दी ना मानने पर युद्ध की चेतावनी दी।

सर्बिया ने इस एक मांग को मानने से इंकार कर दिया क्योंकि वहां उसकी पूर्ण स्वतंत्रता के विरुद्ध था खुलता 28 जुलाई 1914 ईस्वी को ऑस्ट्रेलिया ने सर्विया के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी रूस ने सर्बिया को पूर्ण सहायता का वादा किया था इसलिए वह भी युद्ध की तैयारी करने लगा जर्मनी ने 1 अगस्त को रूस और 3 अगस्त को फ्रांस के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की 5:00 पर दबाव डालने के लिए जर्मन सेना 4 अगस्त को बेल्जियम में घुस गई उसी दिन ब्रिटेन ने भी जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी।

अनेक दूसरे देश की लड़ाई में शामिल हो गए सुदूर पूर्व में जर्मनी के उपनिवेश हथियाने के उद्देश्य से जापान ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी तुर्की और बुल्गारिया जर्मनी की तरफ हो गए टी गुटका सदस्य होने के बावजूद इडली कुछ समय तक बना रहा 1915 ईस्वी में वह जर्मनी और ऑस्ट्रिया हंगरी के विरुद्ध युद्ध में शामिल हुआ मित्र राष्ट्रों के लिए यह ऐसा महान लाभ था जिससे शक्ति का पल्ला उनकी ओर झुक गया।

प्रथम विश्वयुद्ध की प्रमुख घटनाएं


१. युद्ध का आरंभ


जर्मनी को आशा थी कि वह बेल्जियम पर बिजली की तरह मार कर के वह फ्रांस पर हमला करते क्रश और उसे कुछ ही हफ्तों में हरा देगा तब हर उस से उड़ जाएगा कुछ समय तक ऐसा लग रहा था कि यह योजना सफल हो रही है जर्मन सेना पेरिस से मात्र 20 किलोमीटर की दूरी आज तक आ पहुंची।

रोशनी जर्मनी और ऑस्ट्रिया पर हमले आरंभ कर दिए थे इसलिए कुछ सम्मन सेना पूर्वी मोर्चे पर भी भेजनी पड़ी जल्दी फ्रांस की तरफ सेनाओं का बढ़ना रुक गया और यूरोप में युद्ध में लंबे समय के लिए गतिरोध पैदा हो गया इस बीच युद्ध दुनिया के कई दूसरे भागों तक फैल गया और पश्चिमी एशिया अफ्रीका और सुदूर पूर्व में भी लड़ाइयां होने लगी।

जर्मन सेनाओं का बढ़ना रुक जाने के कारण के बाद एक नए प्रकार का युद्ध आरंभ हो गया पर इस पर भीड़ रही थी ना एक दिन खुद कर वहां से एक दूसरे पर छापा मारने लगी पूर्वी मोर्चे पर ऑस्ट्रेलिया को रूस के हमले असफल बनाने और रूसी साम्राज्य के कुछ भागों पर कब्जा करने में सफलता मिली।

यूरोप से बाहर पुलिस जन्मोत्सव कोटा मियां और अरब में उस्मानी साम्राज्य और जर्मनी तथा तुर्की के विरुद्ध अभियान संगठित किए गए जर्मनी तथा तुर्की के विरुद्ध भी अभियान संगठित किए गए जो ईरान में अपना प्रभाव स्थापित करना चाहते थे पूर्वी एशिया में जापान ने जर्मनी के अधिकार क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया और अफ्रीका में ब्रिटेन तथा फ्रांस ने अधिकांश जर्मन उपनिवेश हथिया लिए।

२. युद्ध में नए एवं भयंकर हथियारों का प्रयोग

इस युद्ध में अनेक नए हथियारों का उपयोग किया गया इस तरह के दो हथियार से मशीनगन और तरल अग्नि मींस लिक्विड फायर युद्ध में पहली बार आम जनता को मारने के लिए हवाई जहाजों का उपयोग किया गया अंग्रेजों ने टैंकों का प्रयोग किया जो आगे चलकर युद्ध के प्रमुख हथियार बन गए दोनों युद्ध रत गुटों ने एक-दूसरे तक खाद्यान्न कारखानों के कच्चे माल तथा हथियारों को पहुंचने से रोकने की कोशिश की।

इस काम में समुद्री युद्ध की भूमिका रही जर्मनी ने बड़े पैमाने पर यू गोट नामक पनडुब्बियों का उपयोग किया इसका मुख्य उद्देश्य दुश्मन के जहाजों को ही नहीं बल्कि ब्रिटिश बंदरगाहों की ओर बढ़ रही नावो को भी नष्ट करना था।

३. संयुक्त राज्य अमेरिका का युद्ध में शामिल होना

6 अप्रैल सन 1917 को संयुक्त राज्य अमेरिका ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की यद्यपि अमेरिका दोनों गुटों के देशों के लिए हथियारों और दूसरी आवश्यक परिस्थितियों का प्रमुख स्त्रोत बन चुका था किंतु 1915 ईसवी जर्मनी युवक ने उसी तान्या नामक एक बेटी जहाज को डुबो दिया था मरने वाले 1153 यात्रियों में 128 अमेरिकी भी थे।

इस घटना के बाद अमेरिका में जर्मन विरोधी भावनाएं भड़क उठे और अमेरिका भी युद्ध में शामिल हो गया।

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