Friday, February 14, 2020

जर्मनी में नाजीवाद का उदय नाजीवाद का तात्पर्य

जर्मनी में नाजीवाद का उदय नाजीवाद का तात्पर्य
नाजीवाद फ़ासिज़्म का जर्मन रूप था। नारी शब्द हिटलर द्वारा सन् 1921 में स्थापित गर्ल नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी के नाम से निकला है इसी दल को संक्षेप में नाजी पार्टी कहते हैं।

नाजीवाद की विशेषताएं


१. महान नेता का गुणगान
नाजीवाद में अपने महान नेता की महिमा का गुणगान एवं उसके आदेशों का पालन करना अनिवार्य था।

२. गणतंत्र का विरोधी
नाजीवाद अंतर्राष्ट्रीय शांति और जनतंत्र का विरोधी था वह संसदीय संस्थाओं का अंत करने का प्रबल समर्थक था।

३. व्यक्ति का स्थान गौण
नाजीवाद में व्यक्ति को गांव में समझा जाता था यह कहा जाता था कि लोग राज्य के लिए है ना कि राज्य लोगों के लिए।

४. उग्र राष्ट्रवाद का समर्थक
नाजीवाद के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि था वह राष्ट्रवाद का प्रबल समर्थक था।

५. लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बल में विश्वास
नाजीवाद लक्ष्य की प्राप्ति के हर विरोध को कुचल देना चाहता था नाजीवाद के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बल प्रयोग एवं बर्बरता पूर्ण व्यवहार में विश्वास करता था।

६. यहूदियों के प्रति घृणा
हिटलर यहूदियों के प्रति घृणा करता था उन्हें हर प्रकार से पीड़ित और अपमानित करता था ना जी बाद में यहूदियों को जर्मनी की आर्थिक कठिनाइयों के लिए जिम्मेवार ठहराया गया था।

हिटलर का उत्कर्ष


हिटलर का जन्म ऑस्ट्रेलिया के एक गांव में सन 1889 में हुआ था गरीबी के कारण वह विधिवत शिक्षा ग्रहण कर नहीं पाया वह म्युनिख चला गया और एक चित्रकार बन गया उसी समय प्रथम विश्वयुद्ध हुआ हिटलर सेना में भर्ती हो गया और उसने असाधारण योग्यता दिखाई।

उसे आयन क्रॉस मिला वर्षा की अपमानजनक संधि के बाद जर्मनी का उद्धार करने के लिए हीटलर ने राजनीतिक में प्रवेश किया।

हिटलर ने जर्मन वर्कर्स पार्टी का गठन किया आगे चलकर इस पार्टी का नाम बदलकर नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी रखा गया यह नाजी पार्टी के नाम से प्रसिद्ध हुई।

सन 1923 में हिटलर ने अपने साथियों के साथ मिलकर जर्मनी की गणतंत्र सरकार को पलटने का प्रयास किया वह पकड़ा गया और उसे 5 वर्ष के कारावास का दंड मिला कारावास में ही उसने अपनी आत्मकथा भी केम्फ का प्रथम भाग लिखा।

इसमें उसने एक जनतंत्र की घोर निंदा की हिटलर ने नाजी पार्टी संगठन में मुसोलिनी का अनुकरण किया नाजी पार्टी साम्यवादी व्यवस्था की विरोधी कि जर्मनी के देशभक्त और भूतपूर्व सैनिक अफसर नारी पार्टी के कट्टर समर्थक बन गए फिर अपने को देश का फ्यूरर कहता था।

उसके अनुयाई वहां पर स्वास्तिक का चिन्ह लगाते थे सन 1932 में राष्ट्रपति का चुनाव होने वाला था इधर भी इस पद के लिए उम्मीदवार बना पर वह हार गया राष्ट्रपति हिडेनबर्ग नेशन 1933 को उसे चांसलर का पद दिया प्रधानमंत्री बनते ही हिटलर ने गणतंत्र की कब्र खोदी शुरू कर दी।

प्रधानमंत्री बनने के कुछ समय बाद ही पिलर ने नए चुनावों के आदेश जारी किए आतंक का राज्य स्थापित किया ना जी विरोधी अनेक नेताओं की हत्या की 27 फरवरी सन 1933 को संसद भवन में आग लगाई।

इसका दोस् कम्युनिस्ट पार्टी पर लगाया सन 1934 में हिटलर जर्मनी का तानाशाह बन बैठा।

सन 1934 में राष्ट्रपति हीरोइन वर्ग की मृत्यु हो गई शुक्ला ने एक कानून बना दिया जिसके तहत राष्ट्रपति का पद प्रधान मंत्री के पद से मिला दिया गया वह सर्वशक्तिमान बन गया उसने तानाशाही अधिकार ग्रहण कर लिया हीटर का नारा था एक राष्ट्र एक नेता उसे गैर फ्यूरर रहा जाता था।

नाजीवाद के उदय का कारण

१. वर्साय की अपमानजनक संधि

२. आर्थिक संकट 1929

३. यहूदियों विरोध की भावना

४. साम्यवाद का उदय

५. सैनिक प्रवृत्ति

६. हिटलर का व्यक्तित्व

वस्तुतः नाजीवाद का उदय जर्मन जनता के साथ-साथ संसार के लिए भी विनाशकारी सिद्ध हुआ अंततोगत्वा यहां द्वितीय विश्वयुद्ध का कारण बना।

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