इटली में फासीवाद का उदय
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में कई राजनीतिक आंदोलन हुए उनमें से एक फासिस्ट आंदोलन है इस आंदोलन का एकमात्र लक्ष्य तथा जनतंत्र को नष्ट कर तानाशाही स्थापित करना इटली और जर्मनी में फासीवाद के बड़े खतरनाक परिणाम हुए।
फासीवाद का तात्पर्य
फ़ासिज़्म शब्द इतालवी मूल का है इसका प्रयोग सर्वप्रथम बेनिटो मुसोलिनी के नेतृत्व में चलाए गए आंदोलन के लिए किया गया था फासीवाद कट्टर या उग्र राष्ट्रीयता का ही एक रूप एवं तानाशाही का परिचायक है।फासीवाद की विशेषताएं
१.राज्य में व्यक्ति को महत्व नहीं२. जनतंत्र विरोधी।
३. समाजवाद विरोधी
४. शांति विरोधी
५. कमजोर राज्यों के अस्तित्व में विश्वास नहीं
६. आतंक का शासन
७. उग्र विदेश नीति का समर्थक
इटली में फासीवाद के उदय का कारण
१. प्रथम विश्वयुद्ध के बाद असंतुष्टिइटली के युद्ध में सम्मिलित होने का लक्ष्य उपनिवेश प्राप्त करना था इसके शांति सम्मेलन में अपना लक्ष्य पूर्ण ना होते देख इटली वासियों में असंतुष्ट ही छा गई थी।
२. इटली की आंतरिक स्थिति
प्रथम विश्वयुद्ध का अंत हो जाने के बाद लाखों व्यक्ति बीमार हो गए 1918 के बाद इटली की आर्थिक स्थिति खराब हो गई फैक्ट्रियों के मज़दूर हड़ताल करने लगे थे।
३. सरकार की उदासीनता
सरकार ने इटली के खेतिहर और औद्योगिक मजदूरों की दुर्दशा पर कोई दिलचस्पी नहीं ली अतः फासिस्टवाद का उदय हुआ।
४. समाजवादियों की गतिविधियां
क्यों देश किसी भी हालात में सामने वादियों के जाल में फंसना नहीं चाहते थे वह एक शक्तिशाली राष्ट्रों सत्ता की स्थापना करना चाहते थे अतः फासीवाद के उदय को प्रोत्साहन मिला।
५. मुसोलिनी का व्यक्तित्व
मुसोलिनी मैं राजनीतिक चिंतन का गुण था वह एक जोशीला वक्ता तथा कुशल संगठन करता था वह 1922 में प्रधानमंत्री बन गया।
फासिस्ट पार्टी का जन्म तथा मुसोलिनी का अभ्युदय
मुसोलिनी का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था 18 वर्ष की अवस्था में वह शिक्षक बना उसे अधिक शिक्षा की जरूरत महसूस हुई वह स्वीटजरलैंड चला गया उसने जिनेवा विश्वविद्यालय में शिक्षा पाई उसने मजदूर दल का संगठन किया और कारखानों में पड़ताल कराई फतेह सरकार ने उसे स्विट्जरलैंड से निकाल दिया।इसके बाद वहां ऑस्ट्रेलिया गया वहां से भी उसे निकाल दिया गया 1915 में वह सेना में भर्ती हो गया 1017 में युद्ध भूमि से वह जख्मी होकर लौटा और अपने को सैनिक सेवा से मुक्त कर लिया भूतपूर्व सैनिकों की मदद से एक संगठन बनाया जिसे फासिस्ट कहा जाता है।
फांसी स्टोर का सिद्धांत फासीवाद का हल आया था सिस्टर पार्टी के युवक सदस्यों को काली कमीज भी कहा जाता था क्योंकि यह लोग हमेशा काली कमीज पहनते थे।
पाकिस्तानी प्राचीन रोमन साम्राज्य के प्रतीकों को स्वीकार कर लिया था सिस्टर पार्टी एक अनुशासित पार्टी थी जो धीरे-धीरे लोकप्रिय हो गई और लोग इनके कार्यों से प्रभावित होने लगे इसका उद्देश्य था साम्यवादी आंदोलन को कुचलना।
इटली की सरकार उस समय बहुत ही कमजोर थी और देश में चारों और अराजकता फैल गई थी सन 1921 में चुनाव हुए किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला मुसोलिनी के अनुयायियों ने आतंक खाया फिर भी फांसी स्टोर को मात्र 35 स्थान मिले।
कम्युनिस्ट और समाजवादियों को 138 स्थान मिले फिर भी मुसोलिनी हतोत्साहित नहीं हुआ उन्होंने नेपल्स नगर में सभा का आयोजन किया जिसमें हजारों स्वयंसेवक एवं दल के अन्य सदस्य थे 28 अक्टूबर सन 1922 को रूम गिरने के लिए एक अभियान का आयोजन किया।
इटली का राजा विक्टर मैन्युअल आतंकित हो उठा सन 1922 में 29 अक्टूबर को राजा ने मुसोलिनी को सरकार में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया मुसोलिनी ने आमंत्रण सहर्ष स्वीकार कर लिया और कहा कल इटली में मंत्रिमंडल नहीं रहेगा बल्कि सरकार रहेगी बिना एक भी गोली चलाए मुसोलिनी के नेतृत्व में फांसिस्ट इटली में सत्तारूढ़ हो गई।
फासिस्ट पार्टी के विजय के कारण
वहां का शासक एवं जनता दोनों लोकतंत्र और समाजवाद को देश के लिए खतरा समझते थे उन्हें यह विश्वास था कि फासीवाद ही समाजवादी आंदोलन का दमन कर सकते हैं इसलिए उन्हें इटली का शासन सौंप दिया गया।
मुसोलिनी के कार्य फासीवादी की विजय के परिणाम
१. अधिनायकवाद की स्थापना
मुसोलिनी ने इटली में आतंक का राज्य कायम किया अपने दल को छोड़कर सभी दलों पर प्रतिबंध लगा दिया उसने समाजवादी आंदोलन को कुचल दिया जल थल और वायुसेना पर भी अपना अधिकार कर लिया था सिस्टर अखबारों को छोड़कर अन्य सभी अखबारों को बंद कर दिया गया।
२. आर्थिक सुधार
मुसोलिनी ने युद्ध का ऋण चुका दिया औद्योगीकरण और कृषि में उन्नति की रेडियो मोटा और हवाई जहाजों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया।
३. शिक्षा संबंधी सुधार
विद्यालयों में फांसी से संबंधित शिक्षा अनिवार्य कर दी गई सैनिक प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया गया यह मंत्र दिया जाता था कि विश्वास करो आज्ञा मानो और युद्ध करो।
४. यहूदियों का विरोध
इटली में यहूदियों के लिए कोई स्थान नहीं था परिणाम स्वरूप आने की हो दीया ने इटली को छोड़ दिया
५. विजय अभियान
सन 1924 में मुसोलिनी ने युगो स्लोवाकिया के साथ संधि की उसने अल्बानिया पर अधिकार कर लिया सन 1935 में इटोपिया और अल्बानिया पर आक्रमण किया एवं उस पर अधिकार कर दिया।
६. स्पेन का युद्ध
सन 1936 में स्पेन में गृहयुद्ध चूड़ा विद्रोहियों का नेता जनरल फ्रैंको था जनरल सैनिकों ने मुसोलिनी की मदद से स्पेन की सत्ता हथिया ली।
७. विभिन्न देशों से संधियां
इटली और जर्मनी के बीच 1936 में एक संधि हुई जो रोम बर्लिन दूरी के नाम से जानी जाती है जर्मनी ने जापान के साथ एंटी को मिंटन पैक किया मुसोलिनी उसमें शामिल हो गया इस प्रकार रोम बर्लिन टोक्यो धुरी राष्ट्र का पैक बन गया जो द्वितीय विश्व युद्ध में मिलकर लड़े।
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